Description
वैदिक साहित्य, महाभारत और पौराणिक ग्रंथों में बिखरे संदर्भों के सहारे डॉ. जयनारायण कौशिक दिल्ली क्षेत्र — प्राचीन इंद्रप्रस्थ — का बहुआयामी सांस्कृतिक इतिहास एक ग्रंथ में प्रस्तुत करते हैं। ऋग्वेद में इंद्र के संदर्भ, खांडवप्रस्थ नाम की व्युत्पत्ति, युधिष्ठिर के इंद्रप्रस्थ-निर्माण से पहले के प्रतापी राजा, राजसूय यज्ञ के समय नगर का वैभव और पद्म पुराण के इंद्रप्रस्थ-माहात्म्य तक — यमुना-तट की इस पुण्यभूमि की कथा पहली बार श्रृंखलाबद्ध रूप में।




Reviews
There are no reviews yet.