Description
नीमराणा के राजा चंद्रभान की आज्ञा से कवि जोधराज ने 1728 ई. (संवत् 1785) में यह ऐतिहासिक काव्य रचा। इसमें रणथंभौर के वीरशिरोमणि चौहान हम्मीरदेव का चरित्र और अलाउद्दीन ख़िलजी से उनके युद्ध का वर्णन है। बाबू श्यामसुंदरदास की भूमिका काव्य की कथा का सार देती है और उस भ्रम को भी दूर करती है जिसमें रणथंभौर के चौहान हम्मीर और उदयपुर के सिसोदिया हम्मीर को एक मान लिया गया। नागरीप्रचारिणी ग्रंथमाला का महत्त्वपूर्ण ग्रंथ।




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