नागरीप्रचारिणी सभा का प्रतीक-चिह्न

नागरीप्रचारिणी सभा, काशीस्थापना 1893 · Est. 1893

PL. · सभा के प्रकाशन

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सभा के प्रकाशन — पुस्तकें, पत्रिकाएँ, पुनर्मुद्रणBooks and journals published by the Sabha since 1893

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पंच परमेश्वर और ईश्वरीय न्याय

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Ramanand ki Hindi Rachnaye

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Baital Pachisi

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Description

विक्रम और बैताल की लगभग दो हज़ार वर्ष पुरानी कहानियाँ, जिन्हें सूरति मिश्र के पद्य-रूप के आधार पर लल्लूजी लाल ने हिंदी गद्य में ढाला। उन्नीसवीं सदी में शिक्षा से जनसामान्य तक सबसे लोकप्रिय यह ग्रंथ हिंदी गद्य के विकास की नींव का पत्थर है और आज की गद्य-शैली का मूल उत्स। सभा का यह संस्करण मूल पाठ को सुरक्षित रखता है; आज के पाठक की सुविधा के लिए कोष्ठक में अर्थ दिए गए हैं। साथ में विस्तृत भूमिका और श्री बैजनाथ वर्मा के बनाए 27 चित्र।

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