Description
मलिक मुहम्मद जायसी की संपूर्ण रचनाएँ — ‘पद्मावत’ के 58 खंड, ‘अखरावट’ और ‘आखिरी कलाम’ — आचार्य रामचंद्र शुक्ल के संपादन में। शुक्लजी की विस्तृत भूमिका अपने आप में एक ग्रंथ है: प्रेमगाथा की परंपरा, जायसी का जीवनवृत्त, पद्मावत की कथा और ऐतिहासिक आधार, वियोग और संयोग श्रृंगार, प्रबंध-कल्पना, जायसी का रहस्यवाद और उनकी भाषा। सूफ़ी प्रेमाख्यान-परंपरा को समझने के लिए अनिवार्य पुस्तक।




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