नागरीप्रचारिणी सभा का प्रतीक-चिह्न

नागरीप्रचारिणी सभा, काशीस्थापना 1893 · Est. 1893

PL. · सभा के प्रकाशन

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सभा के प्रकाशन — पुस्तकें, पत्रिकाएँ, पुनर्मुद्रणBooks and journals published by the Sabha since 1893

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Kabir Granthawali

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Ramanand ki Hindi Rachnaye

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Jayasi Granthawali

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Author : Acharya Ramchandra Shukla

Description

मलिक मुहम्मद जायसी की संपूर्ण रचनाएँ — ‘पद्मावत’ के 58 खंड, ‘अखरावट’ और ‘आखिरी कलाम’ — आचार्य रामचंद्र शुक्ल के संपादन में। शुक्लजी की विस्तृत भूमिका अपने आप में एक ग्रंथ है: प्रेमगाथा की परंपरा, जायसी का जीवनवृत्त, पद्मावत की कथा और ऐतिहासिक आधार, वियोग और संयोग श्रृंगार, प्रबंध-कल्पना, जायसी का रहस्यवाद और उनकी भाषा। सूफ़ी प्रेमाख्यान-परंपरा को समझने के लिए अनिवार्य पुस्तक।

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