Description
बाबू श्यामसुंदरदास द्वारा संपादित ‘कबीर ग्रंथावली’ कबीर-अध्ययन का सबसे प्रतिष्ठित ग्रंथ है, जिसके अब तक पच्चीस संस्करण छप चुके हैं। इसमें कबीर की साखियाँ (गुरुदेव कौ अंग से लेकर पचास से अधिक अंगों में), पद और रमैणी संकलित हैं, साथ में परिशिष्ट। बार-बार के पुनर्मुद्रण में आई भूलों को इस संस्करण में प्रथम संस्करण से मिलाकर सुधारा गया है, भूमिका में आए पदों का वर्तमान क्रम पाद-टिप्पणियों में दिया गया है, और पिछले संस्करणों से लुप्त कबीर का चित्र फिर जोड़ा गया है।




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